Skip to main content

तू अपनी जगा पे घिक है ना

तू आपनी जगा पे ठीक है ना
तू वायदा करके निभा ले ना
तू जाना पहचाना है लेकिन जाबाज़ बनके दिखा ले गा

जो मर्जी मेरी है वो खुदगरज्ज तेरी है
जिदगी जो जानी है बंदगी तो मानी है
अब तक कहे रहा था जिदगी से में तो डर रहा था
तू अपनी जगा पे ठीक है ना
तू वायदा करके निभा ले ना

आज जो हो रही वो साम हॉके गुजर रही
जिदगी से जाता रहा प्यार तुजसे करता रहा
नाराज होक हो रहा राजी करके प्यार करता रहा
तू अपनी जगा पे ठीक है ना

Comments