कभी भारत मे रहकर बोला करता था
कभी देश की बाते करता रहता था
कोनसा खाब उसने देखा था मुजे नही मालूनम लेकिन देश के हित मे काम करता रहता था
Un में बोलने की बारी आई तो हिंदी में किया था
परमाणु की बात आई तो फिरसे करने को बोल दिया था
पता नही कोनसा देश काम किया था जैसे अटल नाम रखकर अटल दिया था वोही देश ने हमको दिया था
राज तो 5 साल किया था लेकिन काम 50 साल का दीया था
ना कुज लेके गए ना कुज देके गए फिरभी भारतरत्न के लिए एक नाम छोड़के गए
કહેવા માટે શબ્દો નથી રહેવા માટે જગ્યા નથી સાંભરવા માટે લોકો નથી અને છેલ્લે જીવવા માટે એક સારી જિંદગી નથી
Comments
Post a Comment